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सम्पादकीय

सम्पूर्ण योगासनों का मिश्रण है ‘‘सूर्य नमस्कार’’

ॐ ध्येयः सदा सवितृ-मण्डल-मध्यवर्ती, नारायण: सरसिजासन-सन्निविष्टः। केयूरवान् मकरकुण्डलवान् किरीटी, हारी हिरण्मयवपुर्धृतशंखचक्रः ॥ आकाश ज्ञान वाटिका। सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही साधक को संपूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुँचाने में समर्थ है। इसके अभ्यास से साधक का शरीर निरोग और स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है। ‘सूर्य नमस्कार’ स्त्री, पुरूष, बाल, युवा तथा वृद्धों के लिये ...

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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलओं के प्रति प्यार, सम्मान, समानता के भावों को प्रकट करने का पवन दिवस प्रतिबर्ष ८ मार्च को सम्पूर्ण विश्व में बड़े ही उत्साह व् उत्सुकता के साथ मनाया जाता है। माँ व देवी रूपी महिला, हम सब नित सम्मान करें, सृष्टि रचियिता, देवी माँ पर हम सब अभिमान करें। एक नारी ही है जिसे सृष्टि की ...

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विलक्षण प्रतिभा, सरल व्यक्तित्व और सौम्य स्वभाव के साथ ही कुशल राजनीतिज्ञ व लेखक भी थे – पंडित दीनदयाल उपाध्याय 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय  विलक्षण प्रतिभा, सरल व्यक्तित्व और सौम्य स्वभाव के साथ ही कुशल राजनीतिज्ञ व लेखक भी थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म २५ सितम्बर १९१६ को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था जो नगला चंदभान, मथुरा के निवासी थे तथा माता रामप्यारी धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता ...

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बुजुर्गों की सेवा ईश्वर की पूजा के बराबर है – हमारे संरक्षक एवं मार्गदर्शक हैं बुजुर्ग

परिवार व समाज की बुनियाद हैं – बुजुर्ग परिवार व समाज  की बुनियाद  हैं  बुजुर्ग, गहरी सोच व अनुभव के भंडार  हैं  बुजुर्ग, सफलता की कुंजी, श्रद्धा के पात्र हैं बुजुर्ग, हमारे समग्र विकास के चिंतक हैं बुजुर्ग ।                                  भारतीय संस्कृति के संरक्षक हैं ...

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देश की सुरक्षा में सैनिकों का अहम योगदान

देश की सुरक्षा में सैनिकों का अहम योगदान सैनिक चाहे किसी भी देश के क्यों न हों, उनकी जिंदगी हमेशा कठिनाईयों से भरी होती है। सैनिक हमारे देश के प्रहरी होते है, जब तक वे सीमा पर तैनात हैं, तब तक हम भी चैन की साॅस ले पाते हैं, अन्यथा हमारा जीवन भी कब का समाप्त हो चुका होता। राष्ट्र ...

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ध्वनि प्रदूषण – आज की समस्या

     हमारे चारों ओर का वह आवरण जो सभी जीव-जन्तुओं व वनस्पतियों के लिए अनुकूल होता है और जिसमें जीवन के सभी आवश्यकीय अवयव एक निश्चित अनुपात में पाये जाते हैं पर्यावरण कहलाता है। यदि किसी अवांच्छनीय कारण से इन अवयवों में से एक भी अवयव की मात्रा में परिवर्तन आ जाता है तो फिर इस पर उपस्थित जीवन के ...

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आओ हम सब मिलकर देश के संकटमोचक हिमालय को बचायें

देश के लगभग सत्तर करोड़ और दुनिया के लगभग दो सौ करोड़ लोगों का पालक आज खुद संकट में है। उत्तराखण्ड की त्रासदी हिमालय में बिगड़ते हालात का ही संकेत है। हिमालय को जीवन की हलचल का केंद्र माना जाता है। हमारे पुराणों-शास्त्रों में भी इस महान अद्भुत संरचना का ऊँचा स्थान रहा है और आज भी हम बात-बात में ...

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शिक्षा में सुसंस्कारों का समावेश जरूरी

शिक्षा में सुसंस्कारों का समावेश जरूरी है। देश का भविश्य शिक्षित समाज पर ही टिका है। शिक्षा के क्षेत्र में देश ने काफी प्रगति की है। सर्वशिक्षा अभियान, प्रौढ शिक्ष आदि अनेकों योजनाओं के माध्यम से देश में शिक्षा का अनुपात काफी बढ़ा है। लेकिन इस बात को समझने की जरूरत है कि शिक्षा के अनुपात में वृद्धि से ज्यादा ...

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जंगलों की सुरक्षा – सुखद जीवन की पहल

आधुनिकता के इस भंवर में आज जंगलों की रक्षा करना भी काफी मुश्किल हो गया है। दिन प्रतिदिन वनों का कटान हो रहा है, जिसकी वजह से भूस्खलन, आपदा जैसी समस्याओं से रूबरू होना पड़ रहा है। इस समस्या से पहाड़ के निवासी ही प्रभावित होते हैं क्योंकि शहर वाले अपने घरों में आराम से रहते हैं और जो नेता ...

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गाँवों के विकास से ही संभव है, उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का सपना….

गाँवों के विकास से ही संभव है, उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने का सपना…. भारतवर्ष का दिल, गाँव आज शहरों की तुलना में उपेक्षित हो रहे हैं। भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर उत्तराखण्ड को उत्तर प्रदेश से अलग किया गया, जिसके पीछे संघर्ष की एक बहुत लम्बी कहानी है। सोचा था अलग राज्य बनने के बाद विकास की गंगा हमारे ...

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