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पांचवीं-आठवीं छात्र-छात्राओं को पास करने की व्यवस्था समाप्त, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में पांचवीं और आठवीं कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को फेल नहीं करने और अगली कक्षाओं में भेजने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। हालांकि, फेल छात्र-छात्राओं को पास होने के लिए दो महीने के भीतर दोबारा एक अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियमावली-2019 में संशोधन के फैसले पर बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी। यह व्यवस्था प्रदेश में हजारों की संख्या में सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगी।

अन्य अहम फैसलों में मंत्रिमंडल ने पूरे प्रदेश के निजी नाप भूमि में खनन या चुगान के पट्टाधारकों को राहत दी है। उन्हें खनन पट्टे देने की प्रक्रिया सरल की गई है। वहीं कार्बेट टाइगर रिजर्व में 377.87 वर्ग किमी क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने पर मुहर लगाई गई। साथ ही इस जोन के दायरे से सभी 47 गांव बाहर किए गए हैं।

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बुधवार को सचिवालय में हुई बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। 10 बिंदुओं पर निर्णय लिए गए, जबकि तीन बिंदुओं पर मंत्रिमंडल की अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसमें दो मामलों को मंत्रिमंडल उपसमितियों के सुपुर्द किया गया। सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि आगामी बजट सत्र तीन से छह मार्च तक गैंरसैंण में होगा। सत्र की अवधि को स्पीकर से चर्चा के बाद बढ़ाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रदेश में पांचवीं और आठवीं में छात्र-छात्राओं को फेल नहीं करने और उन्हें अगली कक्षाओं में प्रोन्नत करने की पुरानी व्यवस्था खत्म करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार इस संबंध में 10 जनवरी, 2019 को आरटीई एक्ट में संशोधन कर चुकी है। राज्यों को भी यह व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इस वजह से राज्य सरकार ने भी अपनी आरटीई नियमावली की धारा-16 में संशोधन करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के आखिर में कक्षा पांच और कक्षा आठ में नियमित परीक्षा में फेल होने पर छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त पढ़ाई कराई जाएगी। परीक्षा परिणाम घोषित करने की तारीख से दो माह के अंतर्गत फेल छात्र-छात्राओं को दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाएगा।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

-पांचवीं और आठवीं कक्षाओं में फेल नहीं करने की बाध्यता खत्म, उत्तराखंड निश्शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियमावली में संशोधन को मंजूरी, हजारों सरकारी-निजी स्कूलों में नई व्यवस्था होगी लागू

-निजी नाप भूमि पर खनन के पट्टे देने की प्रक्रिया का सरलीकरण। खनन पट्टे देने का अधिकार अब सरकार की जगह डीएम को मिला

-कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 377.87 वर्ग किमी ईको सेंसिटिव जोन को मंजूरी, जोन से बाहर किए सभी गांव

– गैरसैंण में विधानसभा का चार दिनी बजट सत्र कराने पर मुहर

About Ghanshyam Chandra Joshi

I am ex- Hydrographic Surveyor from Indian Navy. I am interested in social services, educational activities, to spread awareness on the global issues like environmental degradation, global warming. Also I am interest to spread awareness about the Junk food.

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